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दृश्यों के साथ सामंजस्य: टीवी के लिए स्क्रिप्ट लिखते समय यह ध्यान रखा जाता है कि शब्द और पर्दे पर चल रहे दृश्य एक-दूसरे के पूरक हों।
टेलीविजन (दृश्य-श्रव्य माध्यम)टीवी एक ऐसा माध्यम है जहाँ 'देखना' और 'सुनना' साथ-साथ चलता है। यहाँ दृश्यों का महत्व सबसे अधिक होता है। लेखन की मुख्य बातें:
शब्द सीमा और अनुशासन: अखबारों में जगह (Space) सीमित होती है, अतः लेखन को निर्धारित शब्द सीमा के भीतर संक्षिप्त और प्रभावी होना चाहिए।
विशेषताएँ और लेखन शैली:
रेडियो (श्रव्य माध्यम)रेडियो पूरी तरह से ध्वनि और आवाज का माध्यम है। इसे 'अंधों का माध्यम' भी कहा जाता है क्योंकि इसमें श्रोता केवल सुन सकता है। लेखन की चुनौतियाँ:
हाइपरटेक्स्ट: यहाँ एक खबर से दूसरी खबर तक पहुँचने के लिए लिंक्स दिए जाते हैं।
संक्षिप्तता: रेडियो समाचार बुलेटिन बहुत छोटे होते हैं, इसलिए कम समय में अधिक जानकारी देना आवश्यक है।
संक्षिप्त और कीवर्ड आधारित: इंटरनेट पाठक अक्सर पूरी खबर पढ़ने के बजाय हेडलाइंस और मुख्य बिंदुओं पर ध्यान देते हैं, इसलिए लेखन 'सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन' (SEO) को ध्यान में रखकर किया जाता है।